Government Free Training Scheme – सरकार द्वारा शुरू की गई यह विशेष योजना युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। इस योजना के अंतर्गत न केवल मुफ्त ट्रेनिंग दी जा रही है, बल्कि स्वयं का व्यवसाय शुरू करने वालों को 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, सरकार योग्य आवेदकों को एक लाख रुपये तक का आसान लोन देकर उनके सपनों को हकीकत में बदलने का मौका दे रही है। इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर रोजगार के नए रास्ते खोलना है। आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गई है और हर वर्ग के लोग इसका लाभ ले सकते हैं। यदि आप भी स्वरोजगार शुरू करने की सोच रहे हैं या कौशल विकास करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

योजना का उद्देश्य और फायदे
इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी को कम करना और युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। मुफ्त ट्रेनिंग के जरिए सरकार इच्छुक उम्मीदवारों को ऐसे कौशल सिखाती है, जिनकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने छोटे-मोटे व्यवसाय की शुरुआत आसानी से कर सकें। इसके अलावा, एक लाख रुपये तक का लोन उन्हें बड़े स्तर पर व्यापार बढ़ाने में मदद करता है। इस योजना के फायदे सीधे तौर पर उन युवाओं को मिलते हैं जो आर्थिक तंगी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते थे। सरकार द्वारा दी जा रही सहायता उनके लिए नई उम्मीदों की किरण लेकर आती है।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को कुछ पात्रता मानकों को पूरा करना होता है। अधिकतर योजनाओं में आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए, साथ ही वह भारत का नागरिक होना चाहिए। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है, जहां फॉर्म भरने के बाद दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा रहती है। पात्र उम्मीदवारों को ट्रेनिंग स्लॉट और वित्तीय सहायता की जानकारी SMS या ईमेल के माध्यम से भेजी जाती है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनाई गई है ताकि सभी जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें।
मुफ्त ट्रेनिंग से मिलने वाले अवसर
मुफ्त ट्रेनिंग के तहत युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे सिलाई, कंप्यूटर स्किल्स, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग, ब्यूटी पार्लर, डिजिटल मार्केटिंग आदि में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस तरह की ट्रेनिंग से लाभार्थी न केवल तकनीकी रूप से कुशल बनते हैं, बल्कि उन्हें रोजगार पाने में भी आसानी होती है। कई बार संस्थान ट्रेनिंग के दौरान ही प्लेसमेंट की सुविधा भी प्रदान करते हैं, जिससे उम्मीदवार तुरंत नौकरी शुरू कर सकते हैं। ट्रेनिंग पूरी होने पर प्रमाण पत्र दिया जाता है, जो आगे चलकर सरकारी या निजी नौकरी में भी उपयोगी होता है।
आर्थिक सहायता और लोन का लाभ
ट्रेनिंग के बाद मिलने वाली 15 हजार रुपये की सहायता राशि कारोबार शुरू करने के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में मदद करती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। वहीं, एक लाख रुपये तक का लोन बिना किसी जटिल प्रक्रिया के उपलब्ध कराया जाता है। लोन पर ब्याज दर कम होती है और भुगतान अवधि लंबी दी जाती है, जिससे लाभार्थी पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
