Gold Price Today – लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे आम ग्राहकों के साथ-साथ निवेशकों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और मांग में थोड़ी कमी के चलते घरेलू बाजार में सोने के रेट नरम पड़ गए हैं। यह गिरावट त्योहारों और शादी के सीजन से ठीक पहले आई है, जिससे खरीदारी का रुख एक बार फिर बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव होता है, तो सोने के दाम में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल 10 बड़े शहरों में गोल्ड नई दरों पर बिक रहा है, जो ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। इस गिरावट के कारण कई परिवार और निवेशक अब खरीदारी को बेहतर अवसर मान रहे हैं।

गोल्ड रेट में गिरावट के कारण
सोने की कीमतों में आई यह गिरावट कई वैश्विक और घरेलू कारणों से जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। वहीं घरेलू बाजार में मांग में आई हल्की सुस्ती भी इसकी प्रमुख वजहों में से एक है। इसके अलावा, आने वाले हफ्तों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है, जो कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों का रुख भी फिलहाल सतर्क दिखाई दे रहा है, जिसके कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी दर्ज की गई है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होते हैं, तो सोने के दाम में और गिरावट देखी जा सकती है।
10 बड़े शहरों में ताज़ा गोल्ड रेट
देश के 10 प्रमुख शहरों में आज सोने की कीमतों में मामूली गिरावट के साथ कारोबार हुआ। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड की कीमतें पिछले दिन की तुलना में नीचे आई हैं। हालांकि, कुछ शहरों में गिरावट बहुत कम रही, लेकिन ग्राहकों को खरीदारी में थोड़ा फायदा जरूर मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें इसी स्तर पर कुछ दिनों तक बनी रहती हैं, तो बाजार में मांग दोबारा बढ़ सकती है। फिलहाल ज्वैलर्स का कहना है कि रेट स्थिर होने से फुटफॉल में थोड़ा सुधार हुआ है। शादी के सीजन को देखते हुए एक बार फिर ग्राहक बाजार की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
गोल्ड निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर बनकर आई है, लेकिन रणनीति बनाते समय सावधानी जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने में निवेश हमेशा दीर्घकालिक नजरिए से करना चाहिए, खासकर तब जब कीमतें दबाव में हों। इस समय गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड तीनों ही विकल्प आकर्षक माने जा रहे हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बदलते संकेतकों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है। यदि कीमतों में और गिरावट आती है, तो यह निवेश बढ़ाने का सही मौका साबित हो सकता है।
आने वाले दिनों में गोल्ड का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, अमेरिकी फेड की नीतियों और कच्चे तेल के दामों का गोल्ड मार्केट पर सीधा असर पड़ेगा। यदि महंगाई दर में कमी आती है, तो सोने की कीमतें और नीचे आ सकती हैं, जबकि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर रेट तेजी भी पकड़ सकते हैं। भारतीय बाजार में शादी और त्योहारों का सीजन भी कीमतों को प्रभावित करेगा।
