EPFO Pension 2025 – को लेकर कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से विवाद में रहे 36-महीने वाले नियम में सरकार द्वारा राहत देने की घोषणा की गई है, जिससे लाखों कर्मचारियों को अधिक पेंशन का लाभ मिलेगा। पहले पेंशन की गणना के लिए अंतिम 36 महीनों की औसत सैलरी को आधार बनाया जाता था, लेकिन इस नियम में बदलाव से अब कर्मचारियों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। नए अपडेट के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को हर महीने ₹7,500 तक की पेंशन मिल सकेगी, जिससे रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा और बेहतर होगी। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी सैलरी पिछली अवधि में कम थी या जिनका वेतन अचानक घट गया था।

EPFO के 36-महीने वाले नियम में क्या बदलाव किया गया?
EPFO के पुराने नियम के तहत पेंशन की गणना करते समय कर्मचारी के अंतिम 36 महीनों के वेतन का औसत निकाला जाता था। लेकिन कई मामलों में यह फॉर्मूला कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह साबित होता था, क्योंकि कई बार अंतिम वर्षों में वेतन में कटौती, नौकरी बदलने या किसी अन्य कारण के चलते औसत वेतन कम हो जाता था। नए प्रावधानों में EPFO ने इस प्रक्रिया को सरल और कर्मचारी हित में अधिक अनुकूल बनाया है, जिससे वास्तविक और उचित पेंशन की गणना संभव हो पाएगी। अब सैलरी के उतार-चढ़ाव से पेंशन पर पहले जैसी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगी और कर्मचारी को उसकी पूरी सर्विस की कमाई के आधार पर अधिक लाभ मिल सकेगा। इससे लाखों कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन राशि में पहले से अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
हर महीने ₹7,500 पेंशन कैसे मिलेगी?
नए नियमों के लागू होने के बाद EPFO ने पेंशन की न्यूनतम राशि बढ़ाने पर भी विचार किया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को हर महीने ₹7,500 पेंशन मिलने का प्रावधान किया जा रहा है। यह राशि कर्मचारी के वेतन, सेवा अवधि और पिछले योगदान के आधार पर तय होगी। पहले कई कर्मचारियों को बहुत कम पेंशन मिलती थी, जिससे आर्थिक प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो जाता था। लेकिन नई प्रणाली में औसत वेतन की गणना को अधिक पारदर्शी और लाभकारी बनाया गया है, जिससे पेंशन की राशि स्वतः बढ़ जाएगी। यह फैसला विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए बड़ा राहत देने वाला है क्योंकि इससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद एक स्थिर आय मिल सकेगी।
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बदलाव से किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?
36-महीने वाले नियम में राहत का सबसे बड़ा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सैलरी में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आता रहा है। कई कर्मचारी ऐसे होते हैं जिनकी अंतिम वर्षों में पद परिवर्तन, कंपनी परिवर्तन या आर्थिक मंदी के कारण वेतन कम हो जाता था, जिससे उनकी पेंशन पर बेहद खराब प्रभाव पड़ता था। नए नियम से अब ऐसी परिस्थितियों का प्रभाव पेंशन गणना में न्यूनतम रहेगा। इससे उन कर्मचारियों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी होगी जो लंबे समय से EPFO में योगदान दे रहे थे, लेकिन वेतन स्थिर न होने के कारण नुकसान झेल रहे थे। यह बदलाव कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
EPFO पेंशन अपडेट 2025: 36-मंथ नियम में राहत और अब हर महीने ₹7,500 की पेंशन – EPFO Pension Scheme
नए नियम लागू होने के बाद प्रक्रिया क्या होगी?
नियम में बदलाव के बाद कर्मचारियों को पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। EPFO पोर्टल पर अब पेंशन कैलकुलेशन अधिक सरल और पारदर्शी तरीके से दिखाई जाएगी, जिससे कर्मचारी स्वयं अनुमान लगा सकेंगे कि उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी। इसके अलावा, संयुक्त विकल्प (Joint Option) चुनने वाले कर्मचारियों को भी अपडेटेड फॉर्म भरकर जमा करना पड़ सकता है। EPFO की ओर से नए दिशा-निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे, जिनमें प्रक्रिया, दस्तावेज और समय सीमा की जानकारी शामिल होगी।
