Home loans Monthly EMI – सिर्फ 7.10% ब्याज दर पर उपलब्ध होम लोन ने घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत दी है। बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की ऊंची कीमतों के बीच कम ब्याज दर वाला लोन EMI को काफी हद तक कम कर देता है, जिससे लंबे समय तक आर्थिक दबाव नहीं बनता। यदि कोई व्यक्ति ₹80 लाख का होम लोन लेने की सोच रहा है, तो उसके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कितनी सैलरी पर बैंक इतने बड़े लोन को अप्रूव करते हैं। आमतौर पर बैंक, व्यक्ति की मासिक आय, CIBIL स्कोर, नौकरी का प्रकार और वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखते हैं। 7.10% की ब्याज दर पर EMI पहले की तुलना में काफी कम हो जाती है, जिससे लोन चुकाना आसान हो जाता है। सही प्लानिंग और वित्तीय अनुशासन के साथ यह लोन मध्यम वर्गीय परिवार के लिए भी अधिक सुलभ विकल्प बन जाता है।

7.10% ब्याज दर पर EMI कितनी बनेगी?
यदि आप ₹80 लाख का होम लोन 20 साल की अवधि के लिए लेते हैं, तो 7.10% ब्याज दर पर आपकी EMI काफी संतुलित होती है। इस ब्याज दर पर EMI लगभग ₹62,000 से ₹63,000 के बीच आ सकती है। यह EMI उन लोगों के लिए किफायती मानी जाती है, जिनकी मासिक आय स्थिर हो और जिनके ऊपर अन्य बड़े वित्तीय दायित्व न हों। बैंकों का EMI कैलकुलेशन फॉर्मूला ब्याज दर, अवधि और मूलधन के आधार पर किया जाता है। समय अवधि जितनी अधिक होगी, EMI उतनी कम और कुल ब्याज उतना अधिक देना पड़ेगा। इसलिए, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EMI आपकी नेट इनकम का 40–45% से अधिक नहीं होना चाहिए। इस EMI स्ट्रक्चर से ग्राहक अपने मासिक खर्चों को संतुलित रखते हुए लोन को आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
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₹80 लाख होम लोन के लिए कितनी सैलरी जरूरी?
₹80 लाख का बड़ा होम लोन लेने के लिए बैंक आमतौर पर अच्छी मासिक आय की मांग करते हैं। चूंकि 7.10% ब्याज दर पर EMI लगभग ₹62,000 बनती है, इसलिए बैंक चाहते हैं कि आपकी इन-हैंड सैलरी कम से कम ₹1.40 लाख से ₹1.60 लाख हो। इसका कारण यह है कि बैंक EMI को मासिक सैलरी के 40% के भीतर रखना पसंद करते हैं ताकि ग्राहक पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े। यदि आय इससे कम है, तो बैंक लोन राशि कम कर सकते हैं या सह-आवेदक जोड़ने का सुझाव देते हैं। उच्च CIBIL स्कोर, स्थिर नौकरी और कम लोन-टू-इनकम रेशियो होने पर बैंक आसानी से लोन मंजूर करते हैं।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?
होम लोन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहद महत्वपूर्ण है। बैंक आमतौर पर पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, PAN कार्ड), पता प्रमाण, पिछले 6 महीनों के बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 तथा पिछले दो साल का ITR मांगते हैं। यदि आप सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, तो आय का प्रमाण, बैलेंस शीट और GST रिटर्न की जरूरत पड़ती है। प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज जैसे सेल एग्रीमेंट, मैप और एनओसी भी होम लोन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। दस्तावेज पूरी तरह साफ और वेरिफाइड हों तो लोन जल्दी पास हो जाता है।
बैंक लोन मंजूर करते समय किन मानकों को देखते हैं?
होम लोन मंजूरी सिर्फ आय पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बैंक कई पैरामीटर्स को जांचते हैं। इनमें CIBIL स्कोर सबसे अहम होता है; 750 से ऊपर का स्कोर बेहतर माना जाता है और इससे ब्याज दर भी कम मिल सकती है। नौकरी की स्थिरता, कंपनी की प्रोफाइल, मौजूदा लोन, खर्चे और डेब्ट-इनकम रेशियो भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रॉपर्टी का लोकेशन, मार्केट वैल्यू और कानूनी क्लियरेंस भी बैंक की जांच में आते हैं। यदि सभी मानक पूरा होते हैं, तो कम ब्याज पर बड़ा होम लोन आसानी से मंजूर हो जाता है।
