Retirement Plan 2025 – के अनुसार यदि आपके पास रिटायरमेंट के समय लगभग ₹2 करोड़ की सेविंग है, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपको जीवन-यापन, मेडिकल खर्च, लाइफस्टाइल और महंगाई को देखते हुए हर महीने कितनी इनकम की आवश्यकता पड़ेगी। आमतौर पर वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद आपकी मासिक आय आपकी वर्तमान आय का 60% से 70% होनी चाहिए। यदि आपका अभी का मासिक खर्च ₹60,000 है, तो रिटायरमेंट के बाद आपको लगभग ₹40,000 से ₹45,000 की जरूरत पड़ सकती है। ₹2 करोड़ की सेविंग को सुरक्षित तरीके से निवेश कर के 6% से 7% वार्षिक रिटर्न पाया जा सकता है, जिससे आपको हर महीने करीब ₹1 लाख तक की नियमित इनकम मिल सकती है। इसलिए यह राशि अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पर्याप्त मानी जाती है, बशर्ते खर्च नियंत्रण और निवेश रणनीति सही हो।

₹2 करोड़ पर Monthly Income कितनी बनती है?
जब आपके पास रिटायरमेंट के समय ₹2 करोड़ की सेविंग हो, तो इसे सही निवेश साधनों में लगाने पर आपको स्थिर मासिक आय प्राप्त हो सकती है। फिक्स्ड डिपॉजिट, सीनियर सिटीज़न सेविंग स्कीम, पोस्ट ऑफिस मासिक आय स्कीम या सुरक्षित डेट फंड्स पर आपको औसतन 7% वार्षिक ब्याज मिल सकता है। यदि आप ₹2 करोड़ को 7% की दर से निवेश करते हैं, तो यह सालाना लगभग ₹14 लाख की कमाई देता है, जो महीनों में विभाजित करने पर लगभग ₹1,16,000 मासिक इनकम बनती है। यह आय बिना मूलधन को छुए प्राप्त की जा सकती है, जिससे आपकी सेविंग लंबी चलेगी। यदि आप अधिक सुरक्षित विकल्प चुनते हैं तो रिटर्न थोड़ा कम होगा, लेकिन स्थिरता अधिक मिलेगी।
रिटायरमेंट के लिए आदर्श मासिक खर्च कितना होना चाहिए?
रिटायरमेंट के बाद आपका खर्च आपकी जीवनशैली, परिवार के आकार और मेडिकल जरूरतों पर निर्भर करता है। आमतौर पर विशेषज्ञ मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद आपका मासिक खर्च आपकी वर्तमान आय का लगभग 60% होना चाहिए। यदि आपका मौजूदा खर्च ₹70,000 है, तो रिटायरमेंट के बाद ₹40,000–₹45,000 पर्याप्त माने जाते हैं। हालांकि बढ़ती महंगाई और मेडिकल खर्च को देखते हुए एक इमरजेंसी फंड और मेडिकल इंश्योरेंस भी जरूरी है। यदि आपकी स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियां अधिक हैं, तो मासिक बजट भी बढ़ सकता है। इसलिए रिटायरमेंट प्लान में महंगाई दर (Inflation) को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है।
₹2 करोड़ सेविंग कितने साल चलेगी?
यदि आप ₹2 करोड़ की सेविंग से हर महीने ₹1 लाख निकालते हैं और आपका निवेश औसतन 7% सालाना रिटर्न देता है, तो यह राशि 20–25 साल से अधिक चल सकती है। यदि आप केवल ₹60,000 से ₹70,000 मासिक खर्च करते हैं तो यह सेविंग और भी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। रिटायरमेंट में सबसे बड़ी चुनौती महंगाई है, इसलिए रिटर्न और खर्च के बीच संतुलन बहुत जरूरी है। यदि आपका खर्च सीमित है और निवेश सही योजनाओं में है, तो ₹2 करोड़ किसी भी मध्यम वर्गीय दंपति के लिए आरामदायक रिटायरमेंट प्रदान कर सकता है।
रिटायरमेंट इनकम बढ़ाने के बेहतरीन तरीके
रिटायरमेंट के दौरान केवल सेविंग पर निर्भर रहना हमेशा पर्याप्त नहीं होता, इसलिए अपनी इनकम बढ़ाने के लिए कुछ स्मार्ट कदम उठाना जरूरी है। जैसे—SCSS, पोस्ट ऑफिस MIS, एन्युइटी प्लान, डेट फंड्स और डिविडेंड देने वाले म्यूचुअल फंड्स में निवेश करके आप स्थिर आय सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके अलावा किराये की आय, पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी या फ्रीलांसिंग भी रिटायरमेंट इनकम बढ़ाने में मदद करती है। यदि आप अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित और विविध बनाते हैं, तो महंगाई से बचाव करते हुए आप लंबे समय तक वित्तीय स्थिरता बनाए रख सकते हैं।
